एक विदेशी से कांग्रेस अध्यक्ष तक का सोनिया गांधी का सफर

देश की राजनीति में सोनिया गांधी एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं। सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली में हुआ था। सोनिया ने अपने पति राजीव गांधी की हत्या होने के बाद राजनीति में कदम रखा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक क्षितिज पर सोनिया गांधी ने विशेष स्थान प्राप्त किया है। वे रायबरेली उत्तर प्रदेश की सांसद हैं। इसके साथ ही वे 14वीं लोकसभा में ‘यूपीए’ की प्रमुख और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के समन्वय समिति की भी अध्यक्ष हैं।

Sonia Gandhi1Image Source: http://sim.in.com/

सोनिया गांधी के पिता स्टेफ़िनो मायनो एक फासिस्ट सिपाही थे। प्रारम्भिक शिक्षा के पश्चात सोनिया ने विदेशी भाषा सिखाने वाली एक संस्था में दाख़िला लिया और अंग्रेजी, फ्रेंच व रूसी भाषाएं सीखीं। उनकी मुलाकात राजीव गांधी से ‘कैम्ब्रिज’ में हुई, जहां वे अंग्रेजी भाषा में आगे की पढ़ाई कर रही थीं। राजीव उस वक़्त कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में पढ़ रहे थे। साल 1965 में सोनिया और राजीव की मुलाकात एक बार फिर हुई। उसके बाद सोनिया गांधी भारत आ गईं। सोनिया का राजीव गांधी के साथ विवाह 1968 में नई दिल्ली में हुआ। उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन का अधिकांश समय अपने परिवार की देखभाल करते हुए बिताया। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भारतीयों ने भले ही बड़ी सहजता से स्वीकार कर लिया हो, पर दूसरे देशों के लिए उनकी सफलता आश्चर्य का विषय बनी हुई है। सोनिया को भारत का प्रधानमंत्री बनने का मौका भी मिला पर इसे उन्होंने स्वीकारा नहीं। एक साधारण परिवार से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के शीर्ष पर पहुंचने का उनका यह सफर लोगों में गहरी उत्सुकता जगाता रहा है। इसी को ध्यान में रखकर स्पैनिश लेखक और पत्रकार जेवियर मोरो ने उनके जीवन पर ‘एल सारी रोजो’ नामक एक किताब लिखी है।

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