स्पेस से भी दिखाई देती है स्टेचू ऑफ यूनिटी, अमेरिकी सैटेलाइट ने जारी की तस्वीर

स्टैचू ऑफ यूनिटी'

भारत नें भी विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण करके (‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’) एक नया कीर्तिमान अपने नाम हासिल कर लिया है। जिसे देखने के लिये दूर देश के लोग भी खीचे चले आ रहे है। गुजरात के अहमदाबाद में नर्मदा नदी के किनारे बनी सरदार पटेल की प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची (‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’) प्रतिमाओं में से एक है। जिसनें अपने आप में एक रिकार्ड हासिल किया है।

दुनियां की सबसे बड़ी ये प्रतिमा अब भारत की धरती में ही नही अंतरिक्ष से भी साफ दिखाई देती है। अमेरिका के कमर्शियल सैटेलाइट नेटवर्क- प्लैनेट ने शुक्रवार को 182 मीटर (597 फीट) ऊंची प्रतिमा की तस्वीर जारी की है जो अंतरिक्ष से ली गई। (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) की यह तस्वीर 15 नवंबर को खींची गई थी।

इसी के साथ ये माना गया है कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ये वो मानव निर्मित संरचनाओं में से एक है, जिसे धरती के साथ आंतरिक्ष में भी असानी से देखा जा सकता है। इसके अलावा दुबई के तट पर बना पाम आइलैंड, मिस्र का ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा समेत दो अन्य मानव निर्मित संरचनाएं हैं जो अंतरिक्ष से दिखाई देती हैं।

स्टैचू ऑफ यूनिटी'

इसरो से सैटेलाइट लॉन्च करवा चुकी है तस्वीर जारी करने वाली कंपनी विश्व की सबसे ऊंची इस प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) की फोटो को जारी करने वाली अमेरिकी कंपनी “स्काईलैब” है। 2017 में इसरो ने एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्च करने का कीर्तिमान बनाया था, तब इनमें 88 डव सैटेलाइट स्काईलैब कंपनी के ही थे।

पिछले महीने हुआ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन –

पिछले महीने हुआ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन

यहां बता दें कि अभी हाल ही में 31 अक्टूबर को “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी “का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया गया था।गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के किनारे पर बनी यह प्रतिमा नें नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह दुनिया में सबसे कम समय में बनने वाली पहली प्रतिमा है। इसे बनाने में 2990 करोड़ रुपए की लागत आई।

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