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बिना लिखे व बोले समझ लेता है मन की बात, जाने इस कंप्यूटर के बारे में

कंप्यूटर

जैसा कि आप जानते ही होंगे की इंसानी सोच की कोई सीमा नही है। शायद यही वजह है कि हम तकनीक की उस उचांइयों तक जा पहुंचे है जहां अब कोई भी चीज नमुमकिन नही रही। इंसानो द्वारा बनाया गया तकनीक का एक अद्भुत नमुना, जिसे हम कंप्यूटर के नाम से जानते है उसके हमारी दुनिया में क्या बदलाव लाया है उसके बारे में हर कोई जानता ही है। आज हमारी दैनिक सुविधा की हर एक चीज इस पर अधीन है। इसलिए इस तकनीक और भी बेहतर बनाने की कोशिशों में लगे लोगों ने इसी के एक नए रुप को इजात किया है। आपको बता दें कि यह कंप्यूटर ऐसा कि यह खुद ही इंसान के मन में चल रहे शब्दों को समझ लेगा। इसके लिए यह इंसान के चेहरे के हाव भाव को पढ़ेगा। चलिए जानते है इस तकनीक के बारे मे

एक खास तकनीक पर चलता है ये –

एक खास तकनीक पर चलता है येImage source:

सबसे पहले तो आपके लिए यह जानना जरुरी है कि इस कंप्यूटर को बनाने का दावा मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर इस कंप्यूटर को बनाया गया है। एक खास बात यह है कि इसे बनाने वाले शोधकर्ताओं में 2 लोग भारतीय है। इस तकनीक में कंप्यूटर इंसान के चेहरे पर होने वाली प्रतिक्रिया और हाव भाव से उसके मन में चल रहे विचारों को समझेगा और कार्य करेगा।

कुछ ऐसे काम करता है डिवाइस –

कुछ ऐसे काम करता है डिवाइसImage source:

इस खास डिवाइस को बनाने वाले निर्माताओं का कहना है कि इस कंप्यूटर में इलेक्ट्रोड इंसान के चेहरे और जबड़े से मिलने वाले न्यूरोमस्क्युलर संकेतो को समझेगा और फिर मन में चलने वाले शब्दों को समझ कर उसके अनुसार कार्य करेगा। शोधकर्ताओं ने अपनी इस टेक्नोलॉजी के संबंध में एक तर्क दिया है कि मन में कुछ बोलते समय हमारा जबड़ा कुछ संकेत देता है जिसे इंसानी आंखों से देखना मुमकिन नही होता। मगर हमने अपने कंप्यूटर में एक डिवाइस लगाई है जो इन संकेतो को देख कर समझ लेती है।

आगे और होगी विकसित –

आगे और होगी विकसितImage source:

इस नई तकनीक को लेकर इस शोध से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तकनीक को आने वाले समय में और भी बेहतर किया जाएगा। वह आगे चलकर इसे एक इंटेलीजेंस ऑमेंटेशन डिवाइस बनाने की इच्छा रखते है। यह कंप्यूटर इंसान के मन की उन गहराईयों तक पहुच पाएगा जहां शायद इंसान भी नही पहुंच पाता है। इस तकनीक के माध्यम से एक समय ऐसा आएगा जब मशीन और इंसान की समझ एक हो जाएगी। फिलहाल अब तक के कार्य में काफी अच्छे परिणाम आए है। जिसके चलते अब इस शोध से जुड़े लोग इस काम को अगले चरण पर ले जाने के लिए और भी ज्यादा उत्साहित है।

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