गरीबों का इलाज करने वाले इस डॉक्टर का जीवन रहा एक यात्रा

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दुनिया में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो दूसरों के भले के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं। ऐसे लोग तमाम तरह के कष्ट सहकर भी अपना ध्येय पूरा करते हैं। ऐसी ही एक मिसाल कायम की है लंदन के स्टीवेन फैब्स नाम के एक डॉक्टर ने। स्टीवेन ने गरीबों का इलाज करने के लिए खुद से एक बिल्कुल अलग तरह का संकल्प लिया। स्टीवेन ने तय किया कि वह साइकिल के द्वारा अलग-अलग देशों में जाकर वहां के गरीब और जरूरतमंद लोगों का उपचार करेंगे। इस दौरान उन्होंने कई देशों की यात्रा साइकिल से की।

सोच से भी ज्यादा कठिन था यह सफर

उन्हें ऐसा करते हुए 6 साल हो चुके हैं। अब तक वह पूरी दुनिया में घूमकर लगभग 8,5753 किलोमीटर तक का सफर तय कर चुके हैं। इस यात्रा में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने जितना सोचा था यह यात्रा उससे कहीं अधिक कठिन थी। इस दौरान उनके पास बस एक टेंट और कुछ जरूरी सामान रहता था। इस बीच कई बार वह दूसरों का इलाज करते-करते खुद बीमार हो गए। उन्होंने ऐसी जगहों पर भी यात्रा की जहां पर तापमान माइनस 35 डिग्री सेलियस से भी कम था।

हिम्मत ने नहीं छोड़ा साथ

हिम्मत-ने-नहीं-छोड़ा-साथImage Source :http://img.punjabkesari.in/

अब तक वह 6 महाद्वीपों के करीब 73 देशों की यात्रा कर चुके हैं। उनकी यह यात्रा काफी कठिन और तकलीफ देने वाली थी, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और आगे बढ़ते गए। वह बताते हैं कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने ऐसी-ऐसी बीमारियां देखीं, जिन्हें उन्होंने लन्दन में कभी नहीं देखा था। उन्होंने बताया कि शुरू में उन्हें नहीं लगा था कि यह यात्रा इतनी तकलीफदेह भी हो सकती है, लेकिन वह बिना हार माने आगे बढ़ते गए।

कई देशों में जाकर किया गरीबों का इलाज

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अपनी यात्रा में वह साइकिल से अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, मध्य, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका और एशिया तक घूमें। उन्होंने अपनी साइकिल से अल्बानिया, मोनाको, तुर्की, सीरिया, केन्या, रोमानिया, तानजानिया, कोलंबिया, युगांडा, चिली, अर्जनटीना, कोस्टा रिका, कनाडा,मेक्सिको, स्विटजरलैंड, फ्रांस, इंडोनेशिया, सिंगापोर, भूटान, नेपाल और भारत भी पहुंचे। उन्होंने इन देशों में जाकर गरीब और बेसहारा लोगों का इलाज किया।

फिलहाल स्टीवेन अभी एमस्टरडम में हैं। उनकी सेवा भाव से जुड़ी यह यात्रा जल्दी ही ख़त्म होने वाली है। अगले हफ्ते से वह लन्दन वापस जाकर अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने वाले हैं।

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