वर्षों पहले धरती पर आये एलियंस हैं आज भी है मिश्र के पिरामिडों में दफन

0
499
एलियंस

 

 

एलियंस और मिस्र के पिरामिड़ आज तक सभी के लिए रहस्य बने हुए हैं। इन दोनों को लेकर दुनियाभर के बुद्धिजीवियों ने जो कुछ भी कहा है वह बस एक कयास ही है। कुल मिलाकर आज तक किसी को यह बात प्रत्यक्ष रूप में पता नहीं लगी है कि आखिर पिरामिडों के अंदर का क्या रहस्य है। आखिर इतने विशाल पिरामिड़ बनाने की जरुरत क्या थी। पिरामिडों के अंदर क्या कुछ है और क्या हो सकता है। इस बात पर भी लोगों ने अपने अलग अलग विचार दिए हैं।

इसी प्रकार से एलियंस यानि परग्रहवासियों के बारे में भी आज तक किसी को सही से कुछ पता नही लग पाया है। आज का समय वैसे तो विज्ञान का युग है और हम लोग अंतरिक्ष में नई-नई खोजे कर रहें हैं, पर आज भी परग्रहवासी हमारे लिए एक रहस्य बने हुए हैं। इस संबंध में हुई एक रिसर्च ने अब दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हिला डाला है। रिसर्च में यह बताया गया है कि मंगल ग्रह के परग्रहवासी कभी धरती पर आये थे और उनके शव आज भी मिस्र के पिरामिडों में दफन हैं।

एलियंसImage source: 

आपको बता दें कि यह रिसर्च स्कॉट सी वेरिंग की दिशा निर्देशन में हुई थी। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया है कि मंगल ग्रह के वासियों का सिर आम लोगों से थोड़ा लंबा होता था तथा इन्होंने मंगल की हड्डियों को भी अपनी बात से जोड़ा है। उनका कहना है कि मंगल से पूर्वकाल में एलियंस यहां आये थे और उन्होंने पृथ्वी पर राज किया था। इसके अलावा ‘‘पैरानॉर्मल क्रसाइबल’ नामक एक यू-ट्यूब चैनल ने अपना एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो को बहुत सारी ऐसी तस्वीरों पर रिसर्च करके तैयार किया गया है जिनको नासा ने जारी किया था। ये सभी तस्वीरें पिरामिडों में मिले अवशेषों की थी। हम आपको यह भी बता दें कि हालही में रिसर्च का रिजल्ट जो सामने आया है। वह अपने में काफी चौकाने वाला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्व प्राचीन काल में मंगल ग्रह से एलियंस धरती पर आये थे और उन्होंने यहां राज किया था। इनका सिर आम लोगों के सिर से बड़ा था जो इनकी खास पहचान थी।

माना जा रहा है कि मरने के बाद परग्रहवासियों के शवों को यहां धरती पर्व ही गाड़ दिया गया था और बाद में उन पर पिरामिडों का निर्माण कर दिया गया था। अब इस रिसर्च के रिजल्ट को कहां तक सही माना जाएं यह तो पता नहीं पर आज के वैज्ञानिक भी एलियंस के अस्तित्व को अस्वीकार नहीं करते यह अपने में एक हैरानी वाली बात है क्योंकि इससे सिद्ध होता है कि आज के वैज्ञानिक भी दूसरे ग्रह पर जीवन के अस्तित्व को कहीं न कहीं स्वीकार करते ही हैं।   

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here