रेत के महल में रहता है यह शख्स, खुद को समझता है शहंशाह, जानें इसके बारे में

शहंशाह

क्या कोई व्यक्ति रेत के मकान में रह सकता है। शायद नहीं क्योंकि रेत का क्या पता कब बिखर जाएं। ऐसे में रेत के महल में रहने की बात करना महज कल्पना ही लगता है। लेकिन आज जिस व्यक्ति के बारे में हम आपको बता रहें हैं वह रेत के महल में निवास करता है। वह भी कुछ समय पहले से नहीं बल्कि पिछले 22 वर्षों से। इस व्यक्ति की एक खूबी यह भी है कि यह शख्स खुद को शहंशाह समझता है। आप इस व्यक्ति को इसके रेत के महल के पास शाही कुर्सी पर बैठा देख सकते हैं।

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आपको बता दें कि इस अनोखे व्यक्ति का नाम “मिजाइल मातोलियास” है। इस शख्स की उम्र 44 वर्ष है और यह खुद को रेत का बादशाह कहता है। मिजाइल मातोलियास पिछले 22 वर्ष से समुद्र किनारे रेत का महल बनाकर रहता है। मिजाइल का कहना है कि उसको समुद्र से बहुत प्रेम है इसलिए वह समुद्र किनारे ही रहता है। देखा जाए तो इस प्रकार के बीच के किनारे रहने के लिए लोग लाखों रूपए खर्च करते हैं पर यह व्यक्ति आसानी से समुद्र किनारे रह रहा है। समुद्र किनारे घूमने आने वाले लोग मिजाइल से मिलना बहुत पसंद करते हैं।

मिजाइल का कहना है कि उसको अपने जीवन से कोई परेशानी नहीं है पर उसकी सिर्फ एक छोटी सी समस्या है कि उसको नींद बहुत कम आती है। दरअसल रेत इतनी गर्म हो जाती हैं कि मिजाइल को अपने रेत के महल से बाहर निकल कर समुद्र किनारे सोना पड़ता है। मिजाइल के परिवार में कोई नहीं है और उसने शादी भी नहीं की है इसलिए मिजाइल को किसी बात की चिंता नहीं है। खैर देखा जाए तो समुद्र किनारे 22 वर्ष से राज कर रहा यह व्यक्ति अपने जीवन में वास्तव में शहंशाह ही है।

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