इस बेटी ने खुद की शादी से पहले करवाई अपनी मां की शादी, कारण जान दंग रह जायेंगे आप

मां

आपने ऐसी बहुत सी ऐसी लड़कियां देखी होंगी, जिन्होंने अपने अपने परिवार के लिए बहुत कुछ त्याग दिया हो। ऐसी लड़कियों द्वारा किए जाने वाले कार्य कई बार समाज में चर्चा का केंद्र बन जाते हैं। हालही में एक ऐसी ही घटना सामने आई है, सोशल मीडिया प्लेटफार्म Quora से। यहां से जो घटना जानने को मिली है वह अपने आप में अनोखी है। यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसने अपने पिता की मौत के बाद अपनी मां के लिए योग्य वर तलाशा और उन दोनों की शादी भी कराई। वर्तमान में यह घटना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। अपनी मां की दोबारा शादी कराने वाली इस लड़की का नाम “संहिता अग्रवाल” है वे कहती है कि उनको अपने द्वारा लिए गए इस फैसले पर गर्व है। आइये जानते हैं संहिता की इस कहानी को कि आखिर अपनी मां की शादी करवाने के पीछे क्या वजह थी।

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“संहिता अग्रवाल बताती हैं कि उन्होंने अपने पिता को 2 वर्ष पहले खो दिया था। उनके जाने के बाद घर में वह , उनकी बड़ी बहन तथा उनकी मम्मी ही रह गए थे। बड़ी बहन की चूंकि शादी हो चुकी थी इसलिए वे अपने परिवार में व्यस्त हो गई। घर में बचे हम दोनों लोगों ने जो समय गुजारा वह बहुत दुःखद और कठिन था। मम्मी कभी भी रात को अचानक उठ जाती थी और पापा को पूछने लगती थी। कभी वह उनकी फोटों को देख कर घंटों रोती रहती थी। इस बीच मेरी नौकरी दूसरे शहर में लग गई और मैंने मम्मी की दूसरी शादी करने का फैसला किया। इसके लिए मैंने मैट्रीमोनी वेबसाइट पर अकाउंट खोला और अपना नंबर वहां दिया। कई लोगों से इस बीच बातचीत हुई, पर अंत में एक व्यक्ति मिले जिनकी उम्र मेरी मम्मी के जितनी ही थी और वे भी मम्मी की तरह ही सरकारी नौकरी में थे, वे मुझे समझदार लगे मुझे। इसके बाद जब मैंने मम्मी से इस बारे में बात की तो वह नहीं मानी। यह बात कई दिनों तक हम लोगों के बीच में चली और उन्होंने अपनी मां को समझाया कि किसी भी व्यक्ति के जाने के बाद अपने जीवन को कष्ट देना सही नहीं है और समाज के बारे में भी उतना ही सोचना चाहिए जितना जरूरी हो, क्योंकि जब आप बुढ़े हो जाते हैं तब समाज आपको पूछने नहीं आता है। कुल मिलाकर वे मान गई और कुछ दिन पहले उनकी शादी भी हो गई। अब वे खुश हैं और उनकी पहले जैसी मुस्कराहट देखकर मैं भी खुश हूं।”

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हालही की यह घटना हमें बहुत कुछ सिखाती है। सवाल यह है कि अपने समाज में इतना सकारात्मक कार्य का होना इतना आम और आसान क्यों नहीं है। हमारे हाथ में जीवन की घटनाओं का होना या न होना तो नहीं है, पर इतना जरूर होता है कि हम अपने जीवन को एक और मौका दे ताकि हम बीते समय से निकल कर एक नया जीवन जी सकें।

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