‘रोटी बैंक’ के बाद गरीबों का तन ढकने आ गया ‘कपड़ा बैंक’

अभी हमने आपको कुछ समय पहले गरीबों का पेट भरने के लिए रोटी बैंक की शुरूआत की खबर सुनाई थी। आपको जानकर खुशी होगी की रोटी बैंक जिसने ना जाने कितने ही गरीबों का पेट भरा, उसकी सफलता को देखते हुए गरीबों का तन ढकने के लिए कपड़े मुहैया कराने के लिए अब कपड़ा बैंक की शुरूआत हो गई है। बता दें कि इस कपड़ा बैंक की शुरूआत भी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में ‘हारून मुकाती इस्लामिक सेंटर’ (HMIC) ने की है।

उनके मुताबिक जब लोगों के दान किए गये खाने से उनका रोटी बैंक फला फूला, तो उन्हें लगा कि गरीबों के पास तन ढकने के लिए कपड़े भी तो जरूरी होते हैं। ऐसे में उनको कपड़ा बैंक शुरू करने का सुझाव मन में आया।

This bank to assist poor ones for the shelter 1Image Source:

मुकाती का कहना है कि ‘वास्तव में मैंने उन लोगों को देखा, जिनमें खासतौर से बड़े और बच्चे होते हैं, जो कम कपड़े होने की वजह से सर्दी में कांप रहे होते हैं। जिनको देखने के बाद मुझे इस प्रॉब्लम को लेकर आइडिया मिला। फिर इस आइडिया पर जो प्रतिक्रिया हुई वह बेहद उत्साहजनक थी। तब हमने तय किया कि यहां वह कपड़े इस्तेमाल होंगे, जो कटे-फटे नहीं होंगे और हम उन्हें सीधे गरीबों को दे देंगे। दो दिन में ही हमें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। हम देखकर चकित रह गए, जब हमारे पास 600 के करीब कपड़े आ गए। जिसके बाद हमने ‘कपड़ा बैंक’ शुरू करने का सोचा।’

This bank to assist poor ones for the shelter 2Image Source:

वहीं संस्था के अनुसार-‘ यहां पहले सभी कपड़ों का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। उसकी सिलाई, बटन या कहीं कोई और दिक्कत होती है तो उसे ठीक कर ड्राई क्लीन करके गरीबों को दे दिया जाता है। कपड़ा बैंक शुरू होने के पहले दिन ही कपड़े लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। जिनमें महिला, पुरुष, बच्चे सभी शामिल थे।’ बता दें कि उनकी ये टीम बीपीएल कार्ड को देखकर उनके नाम और पता लिखकर कपड़ों को देती है। ताकि कोई ज्यादा कपड़े लेकर बेच ना पाए। उनकी ये शुरूआत काफी अच्छी है। पिछले साल शुरू हुई रोटी बैंक की शुरूआत को भी कई सामाजिक संगठनों ने काफी सराहा था।

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