भारतीय क्रिकेट के लिए ऐसा रहा साल 2015

नए साल 2016 का आगमन होने वाला है। इसके साथ ही साल 2015 को विदाई देने की भी तैयारियां शुरू हो गई है। साल 2015 की विदाई से पहले आज हम आपको बता चलते हैं कि यह साल भारतीय क्रिकेट के लिए कैसा रहा। आपको जानकर शायद अच्छा ना लगे, लेकिन यह सच है की साल 2015 भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी से ज्यादा बुरी यादें देता जा रहा है। हर कोई नए साल की शुरूआत होने के साथ ही उसके अच्छा गुजरने की उम्मीद करता है। हर इंसान की चाहत होती है कि उसका यह साल उसके लिए तरक्की के साथ अच्छी यादें देकर जाएं, लेकिन ये सब भारतीय क्रिकेट के लिए इस साल ना हो सका।

भारतीय क्रिकेट के लिए यह मौजूदा वर्ष निराश करने वाला रहा। मैदान के अंदर जहां भारतीय टीम अपने विश्व कप खिताब को बचाने में नाकामयाब रही, वहीं मैदान से बाहर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दो धुरंधर टीमों को फिक्सिंग के आरोपों के चलते सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित लोढ़ा समिति ने आईपीएल से दो वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ अन्य घटनाओं के बारे में-

कैप्टन कूल ने की सन्यास की घोषणा
साल 2015 की शुरूआत ही शायद टीम इंडिया के लिए सही नहीं हुई। साल की शुरूआत में ही टीम का खराब प्रदर्शन सभी के लिए चिंता का विषय बना। ऑस्ट्रेलिया में मेजबानों से चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत को 0-2 से मुंह की खानी पड़ी। वहीं, इसी सीरीज के बीच में तत्कालीन टेस्ट कप्तान धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर सबको सकते में डाल दिया। जिसके बाद टीम की कमान युवा दिलों की धड़कन विराट कोहली को सौंपी गई। इसके बाद भी ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ हुई त्रिकोणीय सीरीज में भी भारतीय टीम को हार झेलनी पड़ी और लगातार सीरीज हारने के बाद वर्ल्ड कप में उतरी भारतीय टीम को वहां भी निराशा ही हाथ लगी।

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पहली बार बांग्लादेश से हारा भारत
बांग्लादेश ने अपने घर में भारतीय टीम को तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-2 से हराकर सिर्फ भारत ही नहीं पूरे देश को चौंका दिया, जबकि दोनों देशों के बीच हुआ एकमात्र टेस्ट मैच बारिश के चलते ड्रॉ रहा। आपको बता दें कि आज तक इससे पहले भारतीय टीम बांग्लादेश से कोई भी सीरीज नहीं हारी थी। इतना ही नहीं बांग्लादेश के बाद बीसीसीआई ने युवाओं को मौका देते हुए जिम्बाब्वे दौरे पर अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में टीम भेजी। जहां टीम ने तीन वनडे मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम तो की, लेकिन दो टी-20 मैचों में से एक मैच में टीम को शिकस्त झेलनी पड़ी।

टेस्ट में गुड, वनडे में बैड टीम इंडिया
क्रिकेट के लिए कब से कोई अच्छी खबर ना मिलने को तरस रहे क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर श्रीलंका से आई। यहां भारतीय टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में श्रीलंका को उसी की सरजमीं पर 2-1 से हराया, लेकिन क्रिकेट के दिवानों के लिए यह खुशी ज्यादा समय तक ना टिक सकी। इसके बाद भारत दौरे पर आई दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत को उसी के घर में वनडे और टी-20 सीरीज में मुंह की चटा दी। हालांकि भारतीय टीम चार मैचों की टेस्ट सीरीज जरूर 3-0 से जीतने में कामयाब रही। नागपुर टेस्ट की पिच ने एक बार फिर पूरी दुनिया में भारत की किरकिरी करा दी। विश्व क्रिकेट दो भागों में बंट गया। एक भारत के पक्ष में और दूसरा विपक्ष में। इस दौरान मैदान पर हो रही उठापटक के बीच मैदान के बाहर भी शोर-शराबा काफी जारी रहा।

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राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स पर लगा दो साल का बैन
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल फिक्सिंग मामले में राजस्थान और चेन्नई की टीमों के सह-मालिकों राज कुंद्रा और गुरुनाथ मयप्पन को दोषी मानते हुए दोनों पर अजीवन प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद दोनों टीमों को भी दो साल के लिए बैन कर दिया। जिसके बाद इन दोनों टीमों की जगह आईपीएल में दो नई टीमों राजकोट और पुणे को शामिल किया गया।

इंडो-पाक सीरीज पर लगा ग्रहण
अक्सर देखा जाता है कि क्रिकेट प्रेमी भारत और पाक के मैच का काफी बेसब्री से इंतजार करते हैं। एक क्रिकेट ही तो है जिसका भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को सुधारने के लिए अक्सर हवाला दिया जाता है, लेकिन इस साल यहां भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी। कई साल बाद भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध बहाल करने के लिए बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के बीच पिछले साल एक समझौता हुआ। जिसके तहत पाकिस्तान इसी साल दिसंबर में संयुक्त अरब अमिरात (यूएई) में भारत की मेजबानी करने वाला था, लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंध कुछ इस कदर खट्टे हुए कि इस सीरीज पर ग्रहण लग गया। आपको बता दें कि बीसीसीआई के नए अध्यक्ष शशांक मनोहर भी यूएई में सीरीज नहीं चाहते थे, जिसके बाद पीसीबी ने यह सीरीज श्रीलंका में आयोजित करवाने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि बीसीसीआई ने मामले को भारत सरकार के पाले में डाल दिया, जहां इस पर अभी तक कोई भी फैसला नहीं हो सका। अंतत: सीरीज रद्द हो गई। जिससे भारत-पाक मैच देखने वाले क्रिकेट प्रेमियों को काफी झटका लगा।

DDCA मामले में दिल्ली में बरपा बवाल
दिल्ली क्रिकेट में भ्रष्टाचार के पुराने मामलों ने इस साल के अंत में इस कदर तूल पकड़ लिया कि दिल्ली में बवाल मचा हुआ है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का अध्यक्ष रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। हालांकि इस मामले को जेटली की पार्टी के ही सांसद और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कीर्ति आजाद बहुत पहले से उठाते रहे हैं। अब आजाद ने प्रेस कान्फ्रेंस कर डीडीसीए में भ्रष्टाचार के कुछ सबूत पेश किए हैं। जिसको लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों से आहत जेटली ने न सिर्फ अरविंद केजरीवाल और पांच अन्य आप नेताओं पर मानहानि और आपराधिक मानहानि का दावा कर दिया है। जेटली ने आजाद को भी अपने खिलाफ जाने की ऐसी सजा दे डाली कि उन्हें पार्टी से ही निलंबित कर दिया गया।

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तो देखा आपने कुछ इस तरह की उठा पटक भरा रहा भारतीय क्रिकेट के लिए यह साल 2015। अब नया साल 2016 आने वाला है, तो ऐसे में हम यही आशा करते हैं कि भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाला यह साल काफी अच्छा रहे।

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