_ap_ufes{"success":true,"siteUrl":"wahgazab.com","urls":{"Home":"http://wahgazab.com","Category":"http://wahgazab.com/category/uncategorized/","Archive":"http://wahgazab.com/2017/06/","Post":"http://wahgazab.com/scientists-found-aliens-mummy-here/","Page":"http://wahgazab.com/form/","Attachment":"http://wahgazab.com/scientists-found-aliens-mummy-here/scientists-found-aliens-mummy-here-2/","Nav_menu_item":"http://wahgazab.com/37779/","Wpcf7_contact_form":"http://wahgazab.com/?post_type=wpcf7_contact_form&p=38240","Mt_pp":"http://wahgazab.com/?mt_pp=14714"}}_ap_ufee

66 वर्ष के अपराधी को मिली 181 वर्षों की सजा, क्या पूरी हो पाएगी इनकी सजा?

विदेशों में हमने ऐसे मामले अक्सर ही सुने हैं कि जिनमें अपराधी को दो सौ या तीन सौ वर्षों की सजा सुनाई गई हो। लेकिन हमारे देश में भी एक व्यक्ति को 181 वर्ष की सजा सुनाई गई हैं। अभी तक हमने सजा के तौर पर उम्र कैद ही सजा के विषय में ही सुना था। लेकिन 181 वर्ष की सजा सुनकर आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर इस अपराधी ने ऐसा क्या जुर्म किया है।

rajendra-mittal-2Image Source:

क्या है पूरा मामला
जनकारी मे अनुसार आपको बता दें कि यह अपराधी देश की राजधानी दिल्ली में ही सक्रिया था और बीते कई दिनों से यह भगौड़ा चल रहा था। इस अपराधी की उम्र 66 वर्ष है और इसका नाम राजेन्द्र मित्तल बताया गया है। राजेन्द्र पानीपत का रहने वाला है जो अपनी बीस साल की उम्र से ही दिल्ली में आकर बस गया। दिल्ली के शकरपुर इलाके में राजेन्द्र की तिरूपति प्रॉपर्टी नाम से जमीन को खरीदने और बेचने का काम शुरू किया था। इस व्यवसाय में राजेन्द्र ने कई लोगों के साथ ठगी को अंजाम दिया। जिस पर ठगी का शिकार हुए लोगों ने राजेन्द्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिए। कोर्ट ने इस मामले पर सजा दे दी थी लेकिन राजेन्द्र फरार हो गया। पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने अपराधी की तलाश शुरू कर दी और उसे ढुंढ ही निकाला। 66 वर्षीय राजेन्द्र को अब उपभोक्ता फोर्म में की ओर 181वर्ष की सजा मुकर्र की गई है। लेकिन क्या यह 66 वर्षीय अपराधी अपनी इस सजा को पूरा कर पाएगा।

Most Popular

Latest Hindi Songs Lyrics
Latest Punjabi Songs Lyrics
Latest HIndi Movies Songs Lyrics
To Top
Latest Hindi Songs Lyrics
Latest Punjabi Songs Lyrics
Latest HIndi Movies Songs Lyrics