80 साल के बाद दिखा दुर्लभ प्रजाति का रहस्यमयी लाल मूंगा सांप

हमारे आस-पास के घरों में ज्यादातर कोबरा या उनके अलावा कुछ ऐसे सांप देखने को मिल जाते है, जिनके बारे में हम सभी जानते है, पर कुछ सापं ऐसे है जिनके बारे में हम आज तक अनजान है। इनकी कई प्रजातियों के बारे में हम नहीं जानते है। ऐसा ही दुर्लभ प्रजाति का लाल मूंगा सांप उत्तराखंड में देखन को मिला, जिसे देख लोग आश्चर्य में पड़ गए। बताया जाता है कि इस सांप को पहली बार साल 1936 में उ.प्र. के लखीमपुर-खीरी में देखा गया था, जिसे देख वैज्ञानिकों ने इसका नाम ओलिगोडॉन खीरीएनसिस रख दिया था। इस दुर्लभ प्रजाति के सांप को काफी कम लोगों ने देखा है। इसके बाद इस तरह का सांप नेपाल और असम में देखने को भी मिला। वन विभाग के लोग इस बात पर दावा कर रहें हैं कि इस रहस्यमयी और अद्भुत लाल मूंगा खुखारी सांप के बारे में दुनिया अभी तक अनजान है। सुर्ख लाल मूंगे की तरह चमकदार इस खूंखार सांप को लखीमपुर खीरी में देखने को बाद यह विलुप्त हो चुका था।

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इसके बाद कुछ जगहों पर ये देखा भी गया लेकिन वो भी मृत अवस्था में। जिससे इसके बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाई, लेकिन अभी हाल ही में उत्तराखंड के जंगलों में इसे जिंदा हालत में देखा गया, जिस पर विशेषज्ञों की टीम ने इस पर शोध करना भी शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार लाल मूंगा सांप को पूरी निगरानी में रखा जाएगा, जिससे उसके हाव-भाव, रहन-सहन, वासस्थल को पहचाना जा सके। इसके अलावा इसकी प्रजाति को और अधिक विकसित करने के लिए क्या किया जा सकता हे इस पर भी अध्ययन चल रहा है। इसके बाद वर्गीकरण विज्ञानी (टेक्सोनिमिस्ट) द्वारा इस सांप की प्रजाति तय की जाएगी।

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उत्तराखंड नैनीताल के तराई पूर्वी क्षेत्र में मिला यह जिंदा दुर्लभ लाल मूंगा खुखरी सांप को वन विभाग ने एक विशेष शीशे के कक्ष में रखकर इसका अध्ययन करना शुरू कर दिया है।और सके साथ ही उस इलाके की खोज बीन भी की जा रही है। जिससे इसकी और प्राजाति के बारें में हो सकने के तत्थ मिल सके। दुर्लभ प्रजाति के मिले इस पांप को लेकर वन्यजीव विशेषज्ञों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। क्योकि इस दुर्लभ सांप को पाकर विशेष जीत हासिल की गई है।

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