कांवड़ यात्रा – 17 किलों सोना पहन हरिद्वार पहुंचे गोल्डन बाबा, कभी थे हिस्ट्रीशीटर

कांवड़ यात्रा

गोल्‍डन बाबा का नाम आपने सुना ही होगा। ये प्रत्येक वर्ष सावन में हरिद्वार से कांवड़ लेकर आते हैं लेकिन जरुरत से ज्यादा सोना पहनने के कारण ये हमेशा चर्चा में रहते हैं। आपको बता दें की गोल्डन बाबा दिल्ली के निवासी है और ये काफी प्रसिद्ध आधात्मिक मानव के रूप जाने जाते हैं। बाबा जूना अखाड़े के महंत भी हैं। प्रत्येक वर्ष हरिद्वार से सावन माह में कांवड़ लाने वाले गोल्डन बाबा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा में गए हैं। कांवड़ यात्रा पर गोल्डन बाबा काफी चर्चा का केंद्र बन जाते हैं क्यों कि ये अपने शरीर पर कई किलों सोना धारण किये रहते हैं और इसी अवस्था में ही कांवड़ यात्रा पर जाते हैं। इस वर्ष भी गोल्डन बाबा कांवड़ के लिए हरिद्वार रवाना हुए हैं ख़ास बात यह है की इस वर्ष उनके शरीर पर 17 किलों सोने जे जेवरात हैं। इस बारे में गोल्डन बाबा बताते हैं की वे जब पहली बार कांवड़ यात्रा में गए तब वे 5 किलों सोने के जेवरात पहने हुए थे।

बाबा कभी रहे थे हिस्ट्रीशीटर –

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सामान्यतः अधिक सोना पहनने के कारण बाबा को “गोल्‍डन बाबा” कहा जाता है। इसके अलावा बाबा को बहुत लोग “पुरी महाराज” के नाम से भी जानते हैं। लेकिन हम आपको बता दें की बाबा का असली नाम “सुधीर कुमार मक्कड़” है। बाबा पहले दिल्ली के गांधी नगर में दर्जी की एक दूकान करते थे। उस समय के बाद बाबा के जीवन ने पलटी मारी और बाबा एक हिस्ट्रीशीटर बन बैठे। उस समय के कई आपराधिक मामले आज भी बाबा पर चल रहें हैं। रिपोर्ट बताती है की बाबा पर फिरौती समेत 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

खैर हिस्ट्रीशीटर वाले जीवन को ख़त्म कर बाबा आध्यात्मिक धारा से जुड़े और सन्यासी का जीवन विताने लगें। वर्तमान में गोल्डन बाबा अपने सोने के आभूषणों की वजह से काफी प्रसिद्ध है। बाबा के बहुत से भक्त देश-विदेश में हैं। बाबा बताते हैं की वे अपने आश्रम की और से प्रतिवर्ष 200 गरीब कन्याओं का विवाह करते हैं। बाबा अपनी कांवड़ यात्रा के बारे में बताते हैं की उनकी एक कांवड़ यात्रा में करीब सवा करोड़ रुपये का खर्च आता है। इस वर्ष भी बाबा कांवड़ यात्रा पर गए हैं इसलिए भी एक बार फिर से चर्चा का केंद्र बन गए हैं।

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