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इंजिनियरिंग की नौकरी छोड़ लगाया अमरुद का बागीचा, दाम जानकर हैरान रह जायेंगे आप

Left the job as an engineer and started a guava farm, prices will leave you shocked cover

सर्दी के मौसम में वैसे तो बहुत से फल आते हैं, पर इस मौसम के अमरुद खाने का अपना अलग ही आनंद है। इस मौसम में यदि अमरुद खाने को मिल जाए तो दिन बन जाता है। अमरुद की अपनी बहुत सी खूबियां होती हैं और वह अपने अंदर बहुत से गुणों को समेटे रहता है। अमरुद का फल वर्तमान में एक इंजिनियर का जीवन भी संवार रहा है। नीरज ढांडा हरियाणा के जींद जिले के निवासी है और वह एक इंजिनियर हैं। उनको अमरुद से इतना प्रेम है कि उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ कर अमरुद की खेती शुरू कर दी है। जींद जिले के संगतपुर गांव के निवासी नीरज ने बीटेक की पढ़ाई की हुई है और पढ़ाई करने के बाद उन्होंने कुछ समय डेवलपर का काम भी किया।

गांव तथा घर वालों के प्रति लगाव उनको ज्यादा समय घर से दूर नहीं रख पाया इसलिए वे फिर से गांव में आ गए। गांव आकर नीरज ने अमरूदों की खेती का कार्य शुरू किया और उनके खास किस्म के अमरुदों ने लोगों को अपनी और खींच लिया। वर्तमान में नीरज के खास अमरूद की चर्चा देश के बड़े बड़े शहरों में है।

इस प्रकार लगाया अमरूदों का बाग –

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नीरज बताते हैं कि जब वे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में थे तब उन्होंने वहां खास किस्म के अमरूदों को देखा था। इन अमरूदों को देखते ही उनका मन ललचा गया और उन्होंने अमरूदों का बाग लगाने का विचार किया। घर आने के बाद नीरज ने बाग लगाने के सभी कार्य योजना को बनाया तथा रायपुर से ही उस खास किस्म के अमरुद की थाई प्रजाति के पौधे मंगवाए। नीरज ने अपनी 7 एकड़ की जमीन में 1900 पौधे लगाए और अपने कार्य को आगे बढ़ाने लगे। नीरज की मेहनत रंग लाइ और उनके बाग में अमरुद आने लगे।

ये अमरुद इतने बड़े होते हैं कि एक व्यक्ति पूरी तरह से उसको खा भी नहीं सकता है। नीरज अपने अमरूदों को मंडी में नहीं बेचते हैं बल्कि उनको ऑनलाइन बेचते है। उन्होंने DOOR NEXT FARM नाम की एक कंपनी शुरू की है और वे ऑर्डर आने के बाद 48 घंटों में डिलीवरी दे देते हैं। नीरज बताते हैं कि उनके अमरुद 500 रूपए किलो तक बिकते हैं। इस प्रकार से अमरुद की खेती ने नीरज नामक इंजिनियर को बड़ा व्यापारी बना दिया है।

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