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लाल ताजमहल – आगरा में एक ही नहीं बल्कि दो हैं मुहब्बत की निशानियां, जाने इनके बारे में

आगरा का नाम जब कोई मुहब्बत से जोड़ता है तो सहसा ताजमहल की तस्वीर सामने आ जाती है, ताजमहल को मुहब्बत की निशानी के रूप में जाना जाता है। यह तो आपको पता होगा ही पर क्या आप जानते हैं कि आगरा में ताजमहल के अलावा भी एक मुहब्बत की निशानी है, जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं इसलिए आज हम आपको ताजमहल के अलावा आगरा की उस दूसरी मुहब्बत की निशानी के बारे में जानकारी दे रहें हैं। आइये जानते हैं उस निशानी के बारे में।

लाल ताजमहल –
जिस प्रकार से शाहजहां ने अपनी बेगम के लिए ताजमहल का निर्माण कराया था उसी प्रकार से आज से 213 साल पूर्व अंग्रेज अफसर कर्नल जॉन विलियम हैसिंग की वाइफ ने भी अपने पति की याद में एक ताजमहल का निर्माण कराया था। इस ईमारत को आज लोग “लाल ताजमहल” के नाम से जानते हैं और यह ईमारत आगरा के ईसाई कब्रिस्तान के बीच में बनी हुई है। जो आगरा-मथुरा रोड पर भगवान टाकीज के पास में ही स्थित है। भारतीय पुरातत्व विभाग इस ईमारत का संरक्षण करता है। असल में कर्नल की वाइफ के पास शाहजहां की तरह पैसा और दौलत नहीं थी इसलिए इस ईमारत को लाल पत्थरों से ही बनाया गया था। देखा जाए तो लाल रंग को छोड़ कर यह ताजमहल जैसा ही लगता है।

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