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अब भगवान भी हो रहें हैं डिजिटल, मंदिर में लगी कार्ड स्वाइप मशीन

नोटबंदी का असर न सिर्फ आम आदमी को हुआ है बल्कि मंदिरों पर भी पड़ा है इसके चलते अब मंदिर भी कैशलेस हो गए हैं और उन्होंने भी प्लास्टिक मनी का उपयोग दान के लिए शुरू कर दिया है। मंदिर भी अब समय के साथ आदमी की तरह बदल रहें हैं। नोटबंदी ने लोगों की जेब में नोटों की संख्या भले ही कम कर दी हो, पर उनकी आस्था कम नहीं हुई, इसलिए सभी लोग पहले के जैसे ही सामान रूप से मंदिर में जा रहें हैं, पर किसी प्रकार का दान अब पहली जैसी संख्या में नही दें पा रहें हैं, इसलिए अब भगवान को भी लगा की क्यों न समय के साथ अपनी नीतियों में बदलाव किया जाए, तो बस अचानक पुजारी की सोच में बदलाव आया और मंदिर भी हो कैशलेस गया, क्योंकि अब मंदिर में लग गई है “कार्ड स्वाइप मशीन”, अब इसको सही कहा जाएं अथवा नहीं यह काम समाज के धर्म ध्वजाधारी धर्मरक्षकों पर ही छोड़ते हुए, आपको बताते हैं इस मंदिर के बारे में जो अब कार्ड स्वाइप मशीन से सुसज्जित हो गया है।

यह मामला है छत्तीसगढ़ का, यहां की राजधानी रायपुर के बंजारी मंदिर को कार्ड स्वाइप मशीन से सुसज्जित कर दिया गया है, मंदिर प्रशासन ने दानपेटी के निकट ही एक कार्ड स्वाइप मशीन रख दी है, जिसके बाद मंदिर आने वाले भक्त लोग अपने मन के अनुसार कार्ड से मंदिर को दान दे सकते हैं। इस मंदिर में सैकड़ो की संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि ” कैश नहीं होने की वजह से भक्तों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बड़े नोट के छुट्टे नहीं होने की वजह से मंदिर प्रशासन ने स्वाइप मशीन लगाने का निर्णय किया है। मंदिर प्रशासन जल्द ही ऑनलाइन दान और चढ़ावे की सुविधा भी शुरू करने जा रहा है।”

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