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ब्रजेश सिंह- दोनों हथेलियां तथा एक आंख गवांने के बावजूद दो बार प्री क्वालीफाई किया पीएससी

a physically disabled man named brajesh singh pre qualifies mppsc exams cover

कहते हैं कि व्यक्ति के हौसले से बड़ी कोई ताकत नहीं होती। आज हम आपको जिस व्यक्ति के बारे में बता रहें हैं उसका हौसला देख कर आप भी दंग रह जाएंगे। सबसे पहले तो आपको बता दें कि जिस व्यक्ति के जज्बे के बारे में हम आपको बता रहें हैं उसका नाम “बृजेश जाटव” हैं जोकि ग्वालियर जिले के टेनकपुर के पास स्थित माधवपुर का निवासी हैं। आपको बता दें कि एक हादसे में ब्रजेश सिंह अपनी दोनों हथेलियां तथा एक आंख गवां चुके हैं लेकिन इसके बाद भी उनके जीवन का कोई काम ऐसा नहीं हैं जो वह खुद नहीं करते हों। वे नहाने, खाने से लेकर साईकिल चलाने तक अपने सभी कार्य खुद करते हैं।

जिंदादिली से जीते हैं जीवन-

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ब्रजेश सिंह की दोनों हथेलियां तथा एक आंख बचपन में हुए एक हादसे में चली गई थी। असल में हुआ यह था कि ब्रजेश जब छोटे थे तो उनके गांव में एक बारात आई हुई थी और उसी की आतिशबाजी की चपेट में आकर ब्रजेश की दोनों हथेलियां तथा एक आंख बेकार हो गई। बचपन में इतना सब खोने के बाद भी ब्रजेश ने अपने जीवन को बहुत हौसले के साथ जिया।

उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा और वर्तमान में वह ग्वालियर के एक कॉलेज से एमएससी की पढ़ाई कर रहें हैं। इसके साथ ही वे प्रतियोगिता परीक्षाओं की भी स्टडी करते हैं। ब्रजेश अब तक मध्य प्रदेश से 2 बार पीएससी को प्री क्वालीफाई कर चुके हैं।

कोचिंग संस्थान चला कर निकालते हैं खुद का खर्च –

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ब्रजेश का जीवन वाकई हौंसले की मिसाल रहा हैं। वे घर से गरीब हैं और अपनी दोनों हथेलियां तथा एक आंख भी खो चुके हैं। इतना होने के बाद भी उन्होंने उच्च शिक्षा को प्राप्त किया। वर्तमान में ब्रजेश अपना सारा खर्च कोचिंग संस्थान चलाकर निकालते हैं। ब्रजेश अपने महत्वपूर्ण अंगों को खोने के बाद भी अपने परिवार या समाज पर किसी प्रकार का बोझ नहीं बने, बल्कि अपने कोचिंग सेंटर से वे घर के आर्थिक कार्यों में सहयोग देते हैं।

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