मौ. दिलदार हुसैन बेग – इस मुस्लिम “गो रक्षक” के बारे में जानकर आप कह उठेंगे “वाह गज़ब”

-

 

आज के समय में “गो रक्षा” के नाम पर बहुत कुछ हो रहा है, जो कुछ सही भी और गलत भी, पर इन सभी परिस्थितियों के बीच आज हम आपको मिला रहें हैं, एक ऐसे गो रक्षक से जो न सिर्फ मुस्लिम है, बल्कि गाय के प्रति उनका प्रेम देखते ही बनता है। जी हां, आज हम आपको मिलवा रहें हैं एक मुस्लिम से जो की एक गो रक्षक हैं और इनका नाम मौ. दिलदार हुसैन बेग है, जो कि पुरानी दिल्ली के निवासी हैं। बेग साहब के पास खुद की गोशाला तो नहीं है, पर वे पुरानी दिल्ली के “हनुमान वाटिका मंदिर” में स्थित गोशाला में ही अपना योगदान लंबे समय से देते आ रहें हैं। बेग न सिर्फ मंदिर की गोशाला में स्थित गायों के भोजन की व्यस्था करते हैं, बल्कि इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि उनके इलाके में कहीं कोई गाय लावारिस तो नहीं है। ऐसा होने पर वे उस गाय को इस हनुमान मंदिर की गोशाला में लाकर बांध देते हैं। बेग साहब का विजिटिंग कार्ड भी उनके कार्य के ही अनुरूप है, जिसमें उन्होंने ‘मुस्लिम गोरक्षा दल’ लिखाया हुआ है। बेग साहब से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा की “मेरे समुदाय पर इल्ज़ाम है कि वो गोहत्या में शामिल है, तो मुझे आगे बढ़कर इस इल्ज़ाम को धोना भी पड़ेगा और अपने समुदाय के लोगों से बात भी करनी पड़ेगी।”, देखा जाए तो बेग़ साहब के ये शब्द उन सभी लोगों के लिए हैं जो की घर में गाय को पाल रहें मुस्लिम लोगों की आशंकित दृष्टि से देखते हैं तो उन लोगों के प्रति भी हैं जो कट्टरवादिता की आड़ लेकर गो रक्षकों के कार्य को गुंडागर्दी की परिधी में खड़ा करते हैं।

Image Source:

बेग साहब अपने द्वारा शुरू किए गए “मुस्लिम गोरक्षा दल” की शुरुआत के बारे में बताते हुए कहते हैं कि “जब मैंने इस कार्य को शुरू करने का विचार किया तो मेरे घर के सदस्यों के साथ ही मेरे रिश्तेदारों ने हालांकि कोई आपत्ति नहीं जताई, पर उनके बीच मेरा काफी मजाक बना, पड़ौसियों ने भी कुछ इस प्रकार के ही संकेत दिए, लेकिन वर्तमान में मेरे इस कार्य में करीब 50 से 55 मुस्लिम लोग जुड़े हुए हैं, जो की गोरक्षा के कार्य में लगे हैं”। आगे बताते हुए वह कहते हैं कि “मैं 10-15 वर्षों से इस हनुमान मंदिर की गोशाला में आता रहा हूं और 2 से 3 वर्ष पहले जब गो हत्या को बंद करने का मामला उठा था, तो मैंने भी अपने मुस्लिम समाज से कहा था कि आप लोग गाय को कभी न खाएं, बल्कि चिकन या बफ्फ (भैंस) को ही खाएं।”, आपको हम बता दें कि बेग साहब 2014 के लोकसभा चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी खड़े हुए थे, पर इस चुनाव में उन्हें असफलता ही हाथ लगी। वह कहते हैं कि मैं किसी भी पार्टी से नहीं जुड़ा हूं और मेरा कोई लीडर बनने का सपना भी नहीं है। मैं बस यह चाहता हूं कि गो हत्या के खिलाफ केंद्र सरकार को सभी के लिए एक “केंद्रीय कानून” बनाना चाहिए।”, तो यह है दिलदार हुसैन बेग, आज बहुत से लोग मुस्लिम लोगों को ही गो हत्या का सीधा आरोपी मानते हैं। साथ ही बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो हिंदू गो रक्षकों के कार्य को गुंडागर्दी वाले लेवल में खड़ा करते हैं, लेकिन इन दोनों से अलग दिलदार हुसैन बेग का कार्य और उनके विचार जो भी हैं वे इस समस्या का स्थाई उपचार का प्रदर्शन करते हैं।

shrikant vishnoihttp://wahgazab.com
किसी भी लेखक का संसार उसके विचार होते है, जिन्हे वो कागज़ पर कलम के माध्यम से प्रगट करता है। मुझे पढ़ना ही मुझे जानना है। श्री= [प्रेम,शांति, ऐश्वर्यता]

Share this article

Recent posts

भारत सरकार ने तीसरी बार दिया चीन को बड़ा झटका, Snack Video समेत 43 ऐप्स पर लगा दिया बैन

भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए एक बार फिर से भारत सरकार ने चीन को एक बड़ा झटका दिया...

इंटरनेशनल एमी अवॉर्डस 2020: निर्भया केस पर बनी सीरीज ने जीता बेस्ट ड्रामा अवॉर्ड

कोरोनावायरस की वजह से जहां हर किसी के लिए यह साल काफी मनहूस रहा है तो वहीं दूसरी ओर इस महामारी के बीच कुछ...

कामाख्या मंदिर में मुकेश अंबानी ने दान किए सोने के कलश, वजन जान भौचक्के हो जाएंगे

भारत के सबसे रईस उद्यमी मुकेश अम्बानी किसी ना किसी काम के चलते सुर्खियो में बने रहते है। आज के समय में अम्बानी परिवार...

कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी ये महिला, वजह कर देगी आपको हैरान

अक्सर हम अखबारों में हत्या मारपीट की घटनाओं के बारें में रोज पढ़ते है। लेकिन कुछ लोग अपने शौक को पूरा करने के लिए...

आसमान से गिरी ऐसी अद्भुत चीज़, जिसे पाकर रातों रात करोड़पति बन गया यह आदमी

जब आसमान से कुछ आती है तो लोग आफत ही जानते हैं। लेकिन अगर यह कहें कि आसमान से आफत नहीं धन वर्षा हुई...

Popular categories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Recent comments