कड़कड़ाती ठंड में चीन के मंसूबों को बर्फ में दफन करने के लिए भारतीय सेना तैयार, कर लिए चौकस इंतजाम

0
2276
कड़कड़ाती ठंड में चीन के मंसूबों को बर्फ में दफन करने के लिए भारतीय सेना तैयार, कर लिए चौकस इंतजाम

भारत चीन सीमा विवाद को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में पिछले 6 महीने से भारतीय सेना चीन के लिए एक दीवार बनकर खड़ी हुई है। लेकन गर्मी बीच जाने के बाद अब इस जगह की भीषण ठंड एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आ चुकी है। लेकिन इस भीषण सर्दी के बीच भी भारतीय सेना (Indian Army) ने इस स्थिति से नपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सीमा में तैनात हजारों सैनिकों के रहने के लिए आधुनिक आवास तैयार कर लिए हैं। जिसमें उनके लिए खास तरह के कपड़ों के साथ टेंट की व्यवस्था भी की गई है। जिसमें वो शून्य से 40 डिग्री नीचे के तापमान में आराम से रह सकते है।

कड़कड़ाती ठंड में चीन के मंसूबों को बर्फ में दफन करने के लिए भारतीय सेना तैयार, कर लिए चौकस इंतजाम

सर्दियों में लद्दाख सेक्टर (Ladakh Sector) का तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है ऐसे में शरीर को गला देने वाली सर्दियों में ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फवारी होने से 30 से 40 फीट बर्फ पड़ने लगती है।

ऐसे में सैनिकों के लिए बिस्तरों, अलमारियों और हीटरों की सुविधा की गई है। बताया जाता है कि मोर्चे पर मौजूद सैनिकों की तैनाती के हिसाब से उनके लिए गर्म टेंट की व्यवस्था की गई है.

कड़कड़ाती ठंड में चीन के मंसूबों को बर्फ में दफन करने के लिए भारतीय सेना तैयार, कर लिए चौकस इंतजाम

नदियों और पहाड़ों को पार करने को तैयार हैं टैंक

सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर (14 कोर) को बर्फीले मैदान पर काम करने की महारत हासिल है। वे लोग नदियों को पार करने के साथ किसी भी तरह की अड़चन को दूर करने की क्षमता रखते है। लेकिन इसके बावजूद भी यहां पर टैंक के इंतजाम किए गए है।

मिनटों में पहुंच जाएंगे एलएसी पर

युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना पूरी तैयारी हो चुकी है। यहां सर्दियों में भी उनका प्रशिक्षण चल रहा है।  बताया जा रहा है कि 15 हजार फीट की ऊंचाई पर  तैनात सैनिकों के लिए उनकी जरूरतों का पूरा समान मौजूद है। उच्च क्षमता के पोषण वाला राशन, तेल, सर्दियों के लिए विशेष कपड़े, जूते, टेंट और उनको अंदर से गर्म रखने वाले उपकरण इनमें शामिल हैं। बता दें कि चीन ने बड़े हथियारों के साथ 50 हजार सैनिकों को तैनात किया है।