ये पांच हॉरर फिल्म जिसे देखने से सिनेमा हॉल में ही डर के मारे हो गई मौत

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भूत प्रेतों की बात करें, तो यह बाते सुनने में ही डरावनी होती है लेकिन जब इन पर बनी फिल्म को देख लेने की बात आती है तो शरीर के रोगंटे खड़े हो जाते है। रातों की नीदं भी हराम हो जाती है। कुछ फिल्में तो ऐसी होती है जिन्हें अकेले देखने की हिम्मत भी कोई नही कर सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसी ही हॉरर फिल्मों के बारें में बता रहे है जिसे अकेले देखने का रिस्क कभी ना ले। नही तो हो सकती है आपकी मौत.. जानें इन फिल्मों के बारें में..

# द कंज्यूरिंग 2 (2016)

द कंज्यूरिंग 2

द कॉन्ज्युरिंग इस फिल्म की कहानी इंग्लैण्ड के लन्दन में 1977 में हुए एक बेहद खतरनाक भूतों के उपर बनी है।  जिसमें पैगी नामक एक औरत की बेटी पर भूतों का साया हमेशा मंडराता रहता है। इस फिल्म को भले ही कोई ऑस्कर अवॉर्ड ना मिला हो लेकिन रिलीज होते ही यह फिल्म अमरीका की सबसे डरावनी फिल्म बनकर उभरी। इस फिल्म के देखने से पहले सभी से एक गुजारिश है कि अगर आप कमजोर दिल वाले हैं तो इस फिल्म को अकेले न देखें।

# राजू गारी गदी (2015)

राजू गारी गदी

इस फिल्म को देखने आये एक हैदराबाद में रहने वाले सी अमरनाथ ने फिल्म देखते हुए अपनी जान गंवा दी। डॉक्टर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत की बजह कार्डियक अरेस्ट थी। इस फिल्म की कहानी में एक टेलीविज़न चैनल भूतिया बंगले में एक रियलिटी शो आयोजित करता है, ताकि उस बंगले में होने वाली मौतों के रहस्य का पता चल सके। इसके बाद शो में भाग लेने वाले लोगों के साथ भयानक हादसे होने लगते है। और एक-एक करके कंटेस्टेंट रहस्यमयी तरीके से मरने लगते है।

# भूत (2003)

 भूत

रामगोपाल वर्मा की फिल्मों की बात करे तो उनकी ज्यादा तर फिल्में डरावनी होती है। इसी तरह इस डरावनी फिल्म को देखते ही दिल्ली में एक अधेड़ उम्र के शख्स की मौत हो गई थी। कारण बना कार्डियक अरेस्ट। इस फिल्म की कहानी मंजीत नाम की लड़की के भूत की थी, जो उर्मिला मातोंडकर के शरीर में आ जाता है। मंजीत की मौत उसी फ्लैट से गिरकर हुई थी, जिसमें उर्मिला और अजय देवगन रहने के लिए पहुंचते हैं।

# द क्रीपिंग अननोन (1956)

द क्रीपिंग अननोन

शिकागो में थियेटर में इस फिल्म को देखने से नौ साल के बच्चे की मौत हो गई थी। इस बात का पता उसके पेरेंट्स को फिल्म खत्म होने के बाद चला। बच्चे की मौत का कारण हार्ट फेलियर थी।फिल्म की कहानी एक एस्ट्रॉनोट की थी, जो अंतरिक्ष से लौटने के बाद राक्षस बन जाता है।

# द राइडर ऑफ स्कल्स (1965)

द राइडर ऑफ स्कल्स

इस फिल्म को देखने से भी की व्यक्ति की मौत हो गई। इसका कारण भी था हार्ट फेलियर। फिल्म की कहानी इंसानी भेड़िया, वैंपायर और बिना सर वाले हॉर्समैन की थी, जो लोगों पर हमला करके उनकी हत्या कर देता है।

Pratibha Tripathihttp://wahgazab.com
कलम में जितनी शक्ति होती है वो किसी और में नही।और मै इसी शक्ति के बल से लोगों तक हर खबर पहुचाने का एक साधन हूं।

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