आज का इतिहास- मॉस्को को रूस की राजधानी बनाया गया

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5 मार्च का दिन भारत ही नहीं विश्व के इतिहास में भी बहुत महत्व रखता है। आज के ही दिन सन् 1918 में सोवियत संघ ने पेट्रोग्राड को हटाकर मॉस्को को रूस की राजधानी बनाया था। मॉस्को यूरोप का सबसे बड़ा शहर है। इतना ही नहीं इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरी क्षेत्रों में गिना जाता है। इस शहर का इतिहास भी काफी प्राचीन है। इस शहर पर मंगोलों ने 1237-1238 में आक्रमण कर के पूरी तरह से खत्म कर दिया था, जिसके बाद इसे दुबारा बसाया गया और 1327 में व्लादिमीर-सुज्दाल रियासत की राजधानी बनाया गया।

1Image Source: http://monovisions.com/

मॉस्को शहर मोस्कवा नदी के किनारे बस हुआ है और कहीं ना कहीं इसी कारण इस शहर का नाम मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। रूस का आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक, शैक्षणिक और वित्तीय आदि सभी गतिविधियों का मुख्य केन्द्र भी मॉस्को को ही माना जाता है। मॉस्को के बारे में ये माना जाता है कि यहां दुनिया के सभी अरबपति रहते हैं और इसी के चलते साल 2007 में इसे दुनिया का सबसे महंगा शहर भी माना गया। वैसे आपको बता दें कि मॉस्को को दुनिया के सबसे महंगे शहर की उपाधि लगातार दूसरी बार मिली है।

5 मार्च को विश्व में के इतिहास में घटी कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं-

1699- महाराजा जय सिंह ने अंबर का सिंहासन संभाला।
1793 – ऑस्ट्रिया के सैनिकों ने फ्रांस को हरा कर उसके साम्राज्य पर फिर से कब्जा कर लिया।
1851- भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की स्थापना की गई।
1905- महान स्वतंत्रता सेनानी सुशीला दीदी का पंजाब में जन्म हुआ। सुशीला दीदी को भगत सिंह की क्रांतिकारी गतिविधियों में सहयोग करने के लिये याद किया जाता है।
1916- ओडिशा के प्रसिद्ध नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक का जन्म हुआ।
1918- सोवियत संघ ने पेट्रोग्राड को हटाकर मॉस्को को रूस की राजधानी बनाया।
1931- महात्मा गांधी जी ने सिविल अवज्ञा आंदोलन खत्म किया।

2Image Source: http://www.stylemagazin.hu/

1933 – जर्मनी के संसदीय चुनावों में नाजी पार्टी ने 44 प्रतिशत मत प्राप्त किया।
1953 – 29 साल तक सत्ता में रहने वाले सोवियत तानाशाह जोसेफ स्टालिन का निधन हो गया।
1989 – लेबर पार्टी के संस्थापक बाबा पृथ्वी सिंह का निधन हुआ।
1990 – सरकार ने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के पांच लाख पीड़ितों के लिए 360 करोड़ रुपए की अंतरिम राहत की घोषणा की।
1995 – भारत और चीन अपने सैन्य कर्मियों के बीच बैठकों की सुविधा के लिए सिक्किम के नाथू ला सहित दो नए सीमा केन्द्र खोलने पर सहमत हुये।
1997 – उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया 25 साल में पहली बार शांति वार्ता के लिए मिले।

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