_ap_ufes{"success":true,"siteUrl":"wahgazab.com","urls":{"Home":"http://wahgazab.com","Category":"http://wahgazab.com/category/uncategorized/","Archive":"http://wahgazab.com/2017/02/","Post":"http://wahgazab.com/here-is-why-a-girl-issues-the-death-sentence-to-her-lover/","Page":"http://wahgazab.com/addd/","Attachment":"http://wahgazab.com/?attachment_id=35441","Nav_menu_item":"http://wahgazab.com/28118/","Wpcf7_contact_form":"http://wahgazab.com/?post_type=wpcf7_contact_form&p=154","Mt_pp":"http://wahgazab.com/?mt_pp=14714"}}_ap_ufee

आज का इतिहास – हिंदी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध अदाकारा नूतन का जन्म

नूतन को आज भी भारतीय सिनेमा जगत याद करता है, वे अपने समय की सर्वाधिक प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक थी। नूतन ने अपने अभिनय से भारतीय सिनेमा पर एक गहरी छाप छोड़ी है। आइये जानते हैं नूतन के जीवन को करीब से।

Today in history birthday of famous indian actress nutan1Image Source:

4 जून 1936 को नूतन का जन्म एक पढ़े लिखे और सुसम्पन्न परिवार में जबलपुर, मध्यप्रदेश में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री कुमारसेन सामर्थ और माता का नाम श्रीमती शोभना सामर्थ था। नूतन में 1950 के दौर में अपने फ़िल्मी कैरयर की शुरुआत की थी, उस समय वे स्कूल में ही पढ़ती थी। नूतन ने 11 अक्टूबर 1959 को लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से विवाह कर लिया।

Today in history birthday of famous indian actress nutan2Image Source:

नूतन की मां श्रीमती शोभना सामर्थ भी जानी मानी अभिनेत्री थी, नूतन की भतीजी काजोल और बहन तनुजा भी प्रसिद्ध अभिनेत्रियां है ,इसके अलावा नूतन के बेटे मोहनीश बहल फिल्मों में अभिनय करते हैं। इस प्रकार से देखा जाते तो नूतन के घर पर पहले से ही फिल्मों का माहौल रहा था इसलिए नूतन ने भी बहुत पहले से फिल्मों में कदम रख दिया था, नूतन ने बतौर बाल कलाकार फिल्म “नल दमयंती” से अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की थी। जानकारी के लिए आपको यह भी बता दें कि नूतन “मिस इंडिया” का खिताब पाने वाली पहली भारतीय महिला थी।

Today in history birthday of famous indian actress nutan3Image Source:

1950 में उनकी मां द्वारा निर्मित की गई फिल्म “हमारी बेटी” में नूतन ने अभिनय किया था, 1958 में आई फिल्म “दिल्ली का ठग” में उन्होंने स्विमिंग कॉस्ट्यूम पहन कर समाज को चौका दिया था, इससे उनके ममस्पर्शी अभिनय की छवि को काफी नुकसान भी हुआ था। 1963 की फिल्म “बंदिनी” में नूतन का अभिनय सदैव याद रखा जाएगा, यह फिल्म उनके अभिनय की पराकाष्ठा साबित हुई थी।
हिंदी फिल्म इंड्रस्टी में नूतन और काजोल का नाम “सर्वाधिक फिल्म फेयर अवार्ड” जीतने के लिए सयुंक्त रूप से दर्ज है। फरवरी 1991 को नूतन ने अपनी अंतिम सांस के साथ हम सबसे विदाई ले ली थी।

Most Popular

To Top