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पहाड़ के दुर्गम रास्तों पर भी आसानी से चढ़ सकती है यह गाड़ी, 3 देशों के लगें हैं पुर्जें

This vehicle able to run on not so good roads in mountainous areas cover

वर्तमान में इंजीनियरिंग में लगातार शोध चल रहें हैं, जिसके कारण नए नए आविष्कार हो रहें हैं और लोगों को समस्याओं का समाधान मिल रहा है। इसी क्रम में एक ऐसी गाड़ी सामने आई है जो न सिर्फ सड़कों पर चल सकेगी, बल्कि पहाड़ों के मुश्किल चट्टानी रास्तों पर भी आसानी से अपना सफर पूरा कर सकेगी। देखा जाए तो पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने में बहुत मुश्किल होती हैं, ऐसे में अब एक ऐसी गाड़ी अपने देश में निर्मित हुई है जो पहाड़ी रास्तों पर बहुत आसानी से चढ़ जाती है।

आपको हम बता दें कि यह आविष्कार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंजीनियरिंग के तीन छात्रों ने किया है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में यदि आप सैर करना चाहते हैं तब यह गाड़ी आपके लिए बहुत अच्छी रहेगी। इस गाड़ी की एक खूबी यह भी है कि यह 3 अलग-अलग देशों के पुर्जों से निर्मित हुई है। आपको हम बता दें कि इस गाड़ी में अमेरिका से लेकर चीन तक के पुर्जे लगें हैं।

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रायपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज के तीसरे वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों ने इस अनोखी गाड़ी का निर्माण किया है। पिछले ढाई महीने से मेहनत कर तीन छात्रों ने इस गाड़ी को बनाया है। आज बहुत से इंजीनियरिंग छात्र नए नए आविष्कार कर रहें हैं। कोई भूकंप का पहले से पता करने वाला सॉफ्टवेयर बना रहा है, तो कोई ट्रैफिक का पता पहले ही लगाने वाली एप बना रहा है।

इसी क्रम में इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. गोवर्धन भट्ट तथा छात्र ने भूकंप की वाइब्रेशन तथा बिल्डिंग की स्थिति को समझने के लिए “अर्थक्वेक शेक टेबल” का निर्माण किया है। असिस्टेंट प्रोफेसर निशांत सिंह कुशवाहा ने अपनी रिसर्च को “सिंक्रोनाइजेशन ऑफ ट्रैफिक सिग्नल” की ओर बढ़ाया है। इसके तहत आप अधिक ट्रैफिक वाले स्थानों के सर्वे करने के अलावा और भी कई जानकारी ले सकते हैं। इस प्रकार से देखा जाए तो वर्तमान में इंजीनियरिंग के छात्र तथा टीचर मिलकर कई नए अविष्कारों को जन्म दे रहें हैं।

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