15 पत्नियों, 30 बच्चों के साथ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए स्वाजीलैंड के राजा मस्वाती तृतीय

हमारे देश में हो रहे भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में अफ्रीका के 54 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने आए स्वाजीलैंड नामक गरीब देश के अमीर राजा मस्वाती तृतीय भी हैं। जिनकी बातें कुछ खास हैं।

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मस्वाती तृतीय को रंगीन मिजाज के रूप में जाना जाता है। ये अपनी 15 पत्नियां, 30 बच्चों व सौ से अधिक नौकरों के साथ हमारे देश आए हैं। इन्होंने अपने परिवार को बढ़ाने एवं रंगीन मिजाज की यह परंपरा अपने पिता से ली है और आलोचनाओं की परवाह किए बिना आज भी उसे कायम रखा है। उनकी 15 रानियों में केवल 2 को ही रॉयल का दर्जा प्राप्त है।

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राजा की व्यवस्था के लिए काफी इंतजाम कराए गए हैं। एक आलीशान फाइव स्टार होटल में 200 कमरे बुक करवाए गए हैं। राजा अपनी पत्नियों के साथ जिस कमरे में ठहरे हैं उसका किराया करीब डेढ़ लाख रुपए प्रतिदिन है, जबकि अन्य कमरों का 7.15 हजार रुपए। सभी कमरे पिछले छह दिन से बुक हैं। प्रतिनिधिमंडल के सरकारी सदस्यों को छोड़ कर इतनी भारी-भरकम ‘फौज’ के साथ उनके यहां आने पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा आईएसआईएस आतंकी संगठन के संभावित हमलों को मद्देनजर रखते हुए पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं। होटल की सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। वर्ष 1968 में अपने देश को अंग्रेजों से आजाद कराने वाले मस्वाती के पिता सोभुजा द्वितीय की 125 रानियां थीं।

मस्वाती तृतीय दुनिया के धनी राजाओं में से एक-

स्वाजीलैंड भले ही गरीब देशों की सूची में जाना जाता है पर यहां के राजा के अमीर वर्ग की सूची में 200 मिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ उनका 15वां स्थान माना जाता है। उनके पास पांच लाख डॉलर की मैबेच कार सहित 62 लग्जरी गाड़ियां हैं, जिनके फोटो लेने पर प्रतिबंध है। 47 वर्षीय राजा ने अपनी रानियों के लिए 13 आलीशान महल बनवा रखे हैं। उन्होंने 2013 में 18 साल की लड़की के साथ 15वीं शादी रचाई थी। मस्वाती तृतीय दुनिया के धनी राजाओं में शुमार करते हैं।

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ये हैं स्वाजीलैंड के हालात-

काफी गरीबी में गुजर बसर कर रहे इस देश की आबादी 1 करोड़ 20 लाख है। 69 फीसदी लोग बीपीएल के अंतर्गत आते हैं। करीब 63 फीसदी से अधिक आबादी हर रोज 80 रुपए में अपना गुजर-बसर करती है। यहां की बेराजगारी दर 40 फीसदी है। काफी दिक्कतों के साथ यहां के लोग अपना गुजर बसर कर रहे हैं, पर इतनी गरीब जनता के बीच में रहकर यहां का शासक 15 रानियों के साथ आलीशान महल में ऐशो अराम की जिंदगी जी रहा है।

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