रिटायरमेंट के 40 साल बाद एक जवान ने रक्षा मंत्रालय को दान में दी अपनी जिंदगी भर की कमाई

वायुसेना

हमारे देश की रक्षा करने के लिये जल, थल, नभ, ये तीन कमान हमेशा तत्पर खड़े रहते है। ये तब तक रक्षा करते है जब तक इने शरीर में देश प्रेम का जज्बा बना रहता है इसी तरह से एक जवान नें एयरफोर्स में 9 साल देने के बाद देश के प्रेम के जज्बे को ऐसे बनाये रखा जो लोगों के लिये एक मिसाल बनकर साबित हुआ।

एयरफोर्स में 9 साल की नौकरी करने के बाद इस रिटायर्ड कर्मी को अपने काम और अपने विभाग से इतना प्यार हुआ कि उन्होनें अपनी जिंदगी की सारी कमाई दान कर दी। 74 साल के सीबीआर प्रसाद ने रक्षा विभाग को 1.08 करोड़ रुपये दान किया है। सोचन वाली बात यह है कि सीबीआर प्रसाद ने एयरफोर्स में मात्र 108 महीने यानी कि 9 साल ही काम किया था।

बताया जाता है कि “एयरफोर्स में 9 साल के बाद काम के दौरान उनके पास इंडियन रेलवे में एक अच्छी नौकरी का ऑफर आया था जिसके चलते उन्हें अपनी इस जॉब को छोड़ना पड़ा। लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें ये नौकरी नहीं मिली। इसके बाद अपना जीवनयापन करने के लिए पॉल्ट्री फॉर्म का बिजनेस शुरू किया, जो कुछ सालो की मेहनत के बाद काफी अच्छा चल निकला।”

सीबीआर प्रसाद के अनुसार अपने दायित्वों को पूरा करने के बाद मैंने सोचा कि मैंने रक्षा विभाग से जो कुछ पाया हैउसे अब वापस दे देना चाहिए, इसलिए मैंने 1.08 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय को देने का फैसला किया है। सोमवार को सीबीआर प्रसाद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उन्हें 1 करोड़ 8 लाख रुपये का चेक दिया।

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एयर फोर्स छोड़ने के बाद के उन्होनें अपने संघर्ष के बारें में बताया। कि किस तरह से उन्होनें 30 सालों तक अपने आपको स्ट्रांग  बनने के लिये कड़ी मेहनत की। तब कहीं जाकर उन्हें इस बिजनेस में सफलता मिली और अच्छी कमाई होने लगी। देश में स्पोर्ट्स कल्चर को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की भी स्थापना की है।

सीबीआर प्रसाद से जब पूछा गया कि क्या उनके इस फैसले से परिवारवाले खुश थे। तो इस पर सीबीआर प्रसाद ने कहा, “नहीं किसी को कोई दिक्कत नहीं थी, क्योकि मैंने अपनी कमाई का 2% हिस्सा अपनी बेटी को और 1% हिस्सा अपनी पत्नी को दिया है, बाकी का 97 प्रतिशत मैं समाज को दे रहा हूं।”

सीबीआर प्रसाद से जब पूछा गया कि उन्हें दान की प्रेरणा कहां से मिली। तो उन्होनें इसके पीछे की एक लंबी कहानी बतायी। ” जब मैं 20 साल का था, तो एयरफोर्स में काम कर रहा था, एक दिन मेरे अधिकारियों ने कोयम्बटूर से जीडी नायडू नाम के एक शख्स को एक कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया था। उन्होंने बताया कि हमारा देश महान था क्योंकि हमारे साधु-संतों ने बताया कि हमें समाज से जितना मिलता है उतना ही हमें वापस देना चाहिए।” और उनकी इस बातों का प्रभाव मेरे उपर काफी पड़ा।

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सीबीआर प्रसाद ने कहा कि वो अपने पॉकेट में 5 रुपये लेकर निकले थे और अपने मेहनत के दम पर 500 एकड़ जमीन खरीदी. इसमें से 5 एकड़ उन्होंने अपनी पत्नी को दिया, 10 एकड़ बेटी को और बाकी जो भी बचा उसे वो समाज के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। समाज की रक्षा के लिये खड़ा ये प्रहरी की कर्तव्यनिष्ठा को देखकर पूरा देश उन्हें सलाम करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सीबीआर प्रसाद के इस कदम की तारीफ की है।

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