इस जगह रात को रुकने वाले हो जाते हैं अंधे, जानिए क्यों

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देखा जाए तो अपने देश में ऐसे बहुत से स्थान है जो सामान्य लोगों के लिए अभी तक रहस्य बने हुए हैं। आज हम आपको देश के एक ऐसे ही रहस्यमय स्थान के बारे में बताने जा रहें हैं। इस स्थान के बारे में कहा जाता है की यहां पर रात को रुकने वाला इंसान अंधा हो जाता है, इसलिए ही इस स्थान पर शाम 7 बजे के बाद कोई नहीं रुकता है, यहाँ तक की चिडिया और बन्दर भी शाम होते ही इस स्थान से चले जाते है। आखिर एस इस स्थान पर क्या है जो कोई भी यहां शाम के बाद नहीं रुकना चाहता है, आखिर यह स्थान कहाँ हैं और इस स्थान से आखिर क्या मान्यता जुड़ी हुई है? कुछ ऐसे ही प्रश्नों के जबाब आज हम आपको दे रहें हैं।

इस स्थान की बात करें तो यह उत्तर प्रदेश के मथुरा में स्थित है, इस स्थान का नाम है निधिवन। निधिवन को कृष्ण के रास के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। लोगों की मान्यता है की आज भी कृष्ण यहां आकर रास रचाते हैं। लोगों का कहना है की रात के समय कृष्ण इस स्थान पर रास रचाते हैं और उस समय जो उनको देख लेता हैं वह अंधा हो जाता है इसलिए ही शाम 7 बजे के बाद इस स्थान पर लोग नहीं रुकते हैं।

myth4_1458555391Image Source :http://i9.dainikbhaskar.com/

क्या कहते हैं स्थानीय निवासी –

भंडारी हीरालाल, जो की बांके बिहारी मंदिर के रिटायर्ड है, कहते हैं की आज से 10 साल पहले एक व्यक्ति निधि वन में अंदर ही रह गया था। जब उसको सुबह देखा गया तो पकड़ लिया गया, उस व्यक्ति को कुछ नहीं हुआ था। कुछ लोगों का कहना है की निधिवन के पास रहने वाले लोगो को अपनी खिड़कियां भी रात को बंद कर लेनी चाहिए इस पर निधिवन के पास रहने वाले रत्नेश उपाध्‍याय कहते हैं की हम कभी भी गर्मियों में खिड़की बंद करके नहीं सोते हैं, हालांकि मान्यता है तो रात को खिड़की से झांकते नहीं हैं पर कभी कभी बच्चे रात को झांक लेते हैं पर उनको आज तक कुछ नहीं हुआ। कुछ लोगों की धारणा है की रात के समय पेड़ अपना रूप बदल कर कृष्ण के साथ रास रचाते हैं। इस धारणा के बारे में मोहन चतुर्वेदी कहते हैं की, धारणा पर सवाल उठाना सही नहीं है पर आज तक कभी किसी ने पेड़ों को अपना रूप बदलते नहीं देखा है।

निधिवन से जुडी मान्यतायें –

myth1_1458555384Image Source :http://i9.dainikbhaskar.com/

निधि वन से कुछ और भी मान्यतायें जुड़ी हुई हैं। कुछ लोगों का कहना है की यह स्थल बांके बिहारी जी की प्रकाट्य भूमि है तथा कुछ लोगों का कहना है की स्वामी हरिदास ने इस वन में जीवन भर निवास किया था। इस वन में ललित कुंड है कहा जाता है की अकबर ने तानसेन से साथ आकर इस स्थान पर स्वामी हरिदास के दर्शन किये थे। बहुत से लोग कहते हैं की निधिवन के पास स्थित रंगमहल में कृष्ण की नित्य रास लीला होती है।

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