विपक्षी दलों के निशाने पर आरएसएस की नई ड्रेस

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 91 साल के इतिहास में अबकी बार सबसे बड़ा बदलाव हुआ है। अब तक देखा गया था कि आरएसएस की ड्रेस में खाकी हाफ पैंट को काफी महत्व दिया जाता था, लेकिन इस बार उसे बदलकर भूरे रंग की फुल पैंट कर दिया गया है। जिसके पीछे आरएसएस वालों का कहना है कि उनका संगठन वक्त के साथ बदल रहा है। हमारी संस्था ऐसी नहीं जो प्रगति नहीं कर सकती। पिछले तीन सालों में आरएसएस ने युवाओं में अपनी काफी अच्छी पैठ बनाई है। जिसके चलते संस्था ने काफी प्रगति की। वहीं, आरएसएस की ये नई ड्रेस अब विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

जैसा कि सभी को पता है कि केन्द्र में बीजेपी की सरकार है और बीजेपी को आरएसएस से जोड़कर देखा जाता है। उसी कारण अब अपोजिशन के नेता इस ड्रेस को लेकर अलग-अलग तरह के कमेंट कर रहे हैं। वहीं इस मामले में आम लोगों की भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन आज हम बात आम लोगों की प्रतिक्रियाओं की नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं की कर रह हैं कि किस तरह वह आरएसएस की ड्रेस पर निशाना साध रहे हैं।

बता दें कि कांग्रेस ने इस ड्रेस को आड़े हाथों लेते हुए इस पर निशाना साधा है। कांग्रेस के सांसद और एनसीएससी (नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट) के चेयरपर्सन पीएल पुनिया का कहना है कि ”आरएसएस के नए ड्रेस कोड से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनके दिल और दिमाग में सांप्रदायिकता से भरी जहरीली आइडियोलॉजी है। अब आरएसएस वाले चाहे पैंट में रहें या बिकिनी में, हमें क्या फर्क पड़ता है।”

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तो देखा आपने किस तरह आरएसएस की नई ड्रेस को लेकर कांग्रेस सांसद का ये बयान आया है। वहीं, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पहले तो इस ड्रेस कोड को लागू करवाने का सारा क्रेडिट अपनी पत्नी राबड़ी देवी को दे दिया। उन्होंने ट्विट कर कहा कि आरएसएस की ड्रेस को बदलवाने में राबड़ी देवी का हाथ है। राबड़ी देवी ने दो महीने पहले जो आरएसएस की ड्रेस को लेकर आक्रामक बयान दिया था उसी ने आरएसएस को मात्र दो महीने में हाफ पैंट से फुल पैंट पर आने को मजबूर कर दिया है।

बता दें कि राबड़ी देवी ने जनवरी में आरएसएस पर तंज कसते हुए कहा था कि आरएसएस संगठन में उम्र दराज लोगों को भी हाफ पैंट पहने देखा जाता है। क्या उन्हें सार्वजनिक जगहों पर ऐसे पहनकर जाने में शर्म महसूस नहीं होती है। जिस पर लालू अब जमकर चुटकी ले रहे हैं।

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साथ ही उन्होंने कहा है कि सत्ता के साथ संघ अब अप-टू-डेट हो गया है, लेकिन कोई बात नहीं वह जल्द संघ को फिर हाफ पैंट में पहुंचा देंगे। साथ ही पूरे देश से बीजेपी को उखाड़ फेकेंगे।

चलिए अब आपको बताते चलते हैं कि आखिर आरएसएस की ड्रेस में कब-कब बदलाव हुआ है-

1. संघ का जब गठन हुआ था उस समय से यानि साल 1925 से लेकर साल 1939 तक संघ की ड्रेस पूरी तरह से खाकी थी।
2. साल 1940 में शर्ट को बदल कर पूरी बाजू वाली सफेद कमीज को लागू कर दिया गया।
3. साल 1973 में चमड़े के जूतों की जगह इसमें लॉन्ग बूट को शामिल किया गया। हालांकि, इसमें रेक्सीन के जूतों के भी विकल्प को रखा गया था।
4. फिर साल 2010 में इसमें फिर बदलाव हुआ। जब चमड़े की बेल्ट के स्थान पर उसमे कैनवास बेल्ट को लाया गया।

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