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नदी सूखने के बाद मुहाने पर आया गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, जानिए इसके बारे में

गुप्तेश्वर महादेव मंदिर

कभी कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जिनको पढ़ने के बाद हर कोई हैरान रह जाता है। आज हम आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बता रहें हैं। जैसा की आप जानते हैं कि वर्तमान समय में गर्मी का मौसम चल रहा है। ऐसे में कई स्थानों पर जल संकट की स्थिति पैदा हो जाती है। कई स्थानों पर तो नदियां ही सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं। मध्य प्रदेश के श्योपुर में सीप व क्वारी नामक ऐसी ही 2 नदियां है जो गर्मी के प्रभाव से जल संकट से जूझ रही हैं। इन नदियों के सूखने का प्रभाव नदी में स्थित भगवान शिव के प्राचीन मंदिर गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर भी पड़ा है।

यह मंदिर सीप तथा कदवाल नदी के बीच में स्थित है। आपको बता दें कि कभी यह मंदिर नदी के पानी में डूबा हुआ रहता था। इस मंदिर तक भक्त नाव की सहायता से जाते थे और पूजन आदि किया करते थे, लेकिन अब नदियों के सूखने के कारण यह मंदिर पानी से बाहर निकल आया है। वर्तमान में इन नदियों में पानी की मात्रा इतनी कम हो गई है कि आम लोग पैदल चलकर ही गुप्तेश्वर महादेव मंदिर तक आराम से पहुंच रहें हैं।

गुप्तेश्वर महादेव मंदिरImage source:

250 वर्ष पहले प्रकट हुआ था यह मंदिर –

आपको बता दें कि गुप्तेश्वर महादेव मंदिर आज से करीब 250 वर्ष पूर्व की गई खुदाई में निकला था। मान्यता है कि स्वर्ण समाज के शिव भक्त को भगवान शिव ने दर्शन देकर इस स्थान पर खुदाई कराने की बात कही थी। इस खुदाई के दौरान ही यह मंदिर प्रकट हुआ था। यही कारण है कि आज भी लोग इस मंदिर के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं। यह मंदिर हजारों वर्ष से धरती में गुप्त था इसलिए प्रकट होने के बाद लोगों ने इसको “गुप्तेश्वर महादेव” मंदिर का नाम दे दिया था। इस नाम से ही यह मंदिर आज भी जाना जाता है। इस मंदिर के परिसर में ही आप महाभारतकालीन च्रक्रव्यूह को देख सकते हैं। इस कारण से इस मंदिर को ऐतिहासिक भी कहा जाता है।

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