गणेश चतुर्थी पर बनाया गया 2 हजार किलों का मोदक केक गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुआ शामिल

गणेश चतुर्थी

 

आज गणेश चतुर्थी है और देश भर में इस उत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज हम आपको बता रहें हैं भगवान गणेश के लिए बनाएं गए, उस मोदक केक के बारे में जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि भगवान गणेश का प्रिय भोज्य पदार्थ मोदक है, इसलिए इस बार गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक ट्रस्ट की ओर से 2 हजार किलों का मोदक केक गणेश जी के लिए बनाया गया है। खास बात यह रहीं कि इस केक को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल कर लिया गया है। आपको हम बता दें कि इस केक का निर्माण भारत पुणे के निवासी प्रसिद्ध श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई ने करवाया है। इस केक का कुल वजन 1970 किलो है। इस केक का निर्माण “The Cake House” की ओर से बेकर धर्मराज गायकवाड़ की देखरेख में किया गया है। केक बनने के बाद में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारी भी यहां मौजूद थे और उन्होंने इस केक को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया। गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस केक का भोग भगवान गणेश को लगाया जाएगा और उसके बाद इस केक को प्रसाद के रूप में भक्तों को बांटा जाएगा।

गणेश चतुर्थीImage Source:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुणे के सतारा रोड निवासी “अण्णाभाउ साठे कलादालान” ने इस केक का निर्माण किया है। इस केक के निर्माण में उनके साथ 16 लोगों की एक टीम का भी योगदान रहा है। इस केक को बनाते समय ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक गोडसे, हेमंत रासने आदि लोग मौजूद रहें। ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य ने इस बारे में बताते हुए कहा कि इस केक के बनने के बाद पुणे में यह नया रिकॉर्ड बन गया है। इससे पहले 2009 में 1 हजार 41 किलों का केक बनाया गया था। इस केक को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट मिल चुका है और जल्द ही इस केक की तस्वीरें गिनीज बुक की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी जाएगी। इस केक को बनाने वाले बेकर धर्मनाथ गायकवाड़ ने बताया कि इस केक के लिए एक हजार किलों चॉकलेट ट्रफल तथा एक हजार किलों रेडी केक पाउडर सहित 50 किलों क्रीम का उपयोग किया गया था। इसका आकार 26*35 फिट का है। पिछले 3 दिनों से लगातार इसको बनाने का कार्य चल रहा था। इसका निर्माण करने में अन्य केक सप्लायर्स का भी सहयोग रहा। इस प्रकार से इस गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को पुणे में 2 हजार किलो के मोदक केक का भोग लगाया गया।

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