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रावण की ये तीन बातें सिखाती हैं सफलता के सूत्र, प्रमोशन में मिलती है, सफलता

रावण

 

ऑफिस में काम करने वाले सभी लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनका प्रमोशन हो इसलिए आज हम आपको बता रहें हैं रावण की कहीं वे बातें जो आपके प्रमोशन में लाभदायक सिद्ध होंगी। आपको सबसे पहले यह बता दें कि लंकापति रावण एक विद्वान और सिद्ध पंडित थे। जब रावण का अंतिम समय नजदीक था तो भगवान राम ने अपने भाई लक्ष्मण को उनके पास भेजा और रावण से ज्ञान तथा नीति की शिक्षा लेने को कहा था। उस समय रावण ने जो बातें लक्ष्मण को बताई थी। वे बातें आज के समय उन सभी लोगों पर सटीक बैठती हैं जो किसी भी ऑफिस में कार्य करते हैं। ऐसे लोग रावण की इन बातों पर चलकर अपने कार्य तथा प्रमोशन में सफलता पा सकते हैं। आइये जानते हैं इन बातों के बारे में।

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1 – रावण ने जो पहली बात बताई थी वह थी “शुभस्य शीघ्रम्” अर्थात शुभ कार्य को जितनी जल्दी हो सके कर देना चाहिए तथा बुरे कार्य को जितना ज्यादा टाला जा सकता है टालते रहना चाहिए। ऑफिस वर्कर्स को भी सबसे पहले वह कार्य करना चाहिए जिससे अपना तथा दूसरों को भला होता हो।

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2 – दूसरी बात बताते हुए रावण ने कहा था कि अपने शत्रु तथा प्रतिद्वंद्वी को कभी भी छोटा नहीं समझना चाहिए। मैंने मानव रूप भगवान राम तथा वानरों की सेना को छोटा समझा और इसी कारण मेरी यह दुर्दशा हुई। ऑफिस में कार्य करने वाले सभी लोगों को समानता की दृष्टि से देखना चाहिए तथा कभी छोटे या बड़े का भेद नहीं करना चाहिए।

3 – रावण ने तीसरी और अंतिम बात लक्ष्मण को बताते हुए यह कही कि अपने जीवन का गुप्त राज किसी के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था इसलिए आज मैं मृत्युशइयां पर हूँ। इसी प्रकार से ऑफिस में कार्य करने वाले लोगों को भी अपने राज किसी को नहीं बताने चाहिए। यदि किसी को आपका राज पता लग गया तो वह आपको हानि पहुंचा सकता है।

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